028 मुखी नेपाली रुद्राक्ष के बारे में
8 मुखी रुद्राक्ष को लोक-परंपरा में विघ्नहर्ता गणेश जी का स्वरूप माना जाता है। शिव पुराण में आठ मुख वाले रुद्राक्ष को अष्टमूर्ति भैरव का रूप कहा गया है, जिसे धारण करने वाला दीर्घायु होता है और मृत्यु के बाद शूलधारी शिव को प्राप्त करता है। रुद्राक्ष जाबाल उपनिषद में इसे अष्ट वसुओं का स्वरूप बताया गया है।
गणेश जी हर काम के आरंभ में पूजे जाते हैं ताकि विघ्न न आएँ। इसी कारण यह रुद्राक्ष उन लोगों के लिए सुझाया जाता है जिनके काम बार-बार अटकते हैं या अंतिम समय पर बिगड़ जाते हैं। ज्योतिष में इसका संबंध राहु ग्रह से है, जो भ्रम, अचानक बाधाओं और अनिश्चितता का कारक है।
8 मुखी नेपाली दाना अपेक्षाकृत दुर्लभ है, इसलिए इसकी कीमत 5 या 7 मुखी से अधिक होती है। हर दाना लैब सर्टिफिकेट के साथ आता है, ताकि आप पूरे भरोसे के साथ धारण कर सकें।
नोट: रुद्राक्ष प्राकृतिक बीज है, इसलिए आकार, रंग और सतह में थोड़ा अंतर होना स्वाभाविक है।
अगर आप खुद पूरी विधि नहीं कर सकते, तो यह काम हमारे पंडित जी आपके लिए करेंगे। ऑर्डर के समय मंत्र जाप चुनें, और आपका रुद्राक्ष वैदिक विधि से जाप करके ही भेजा जाएगा।
- ✦आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर पूजा की जाती है।
- ✦8 मुखी के बीज मंत्र "ॐ हुं नमः" का चुनी गई संख्या में जाप होता है।
- ✦जाप सिर्फ आपके इसी रुद्राक्ष पर किया जाता है।
- ✦जाप पूरा होने के बाद रुद्राक्ष सीधे पहनने के लिए तैयार भेजा जाता है।
ऑर्डर के बाद आपसे नाम और गोत्र WhatsApp पर पूछा जाएगा। गोत्र न पता हो तो "कश्यप गोत्र" से संकल्प लिया जाता है।
बुधवार गणेश जी का दिन है, इसलिए 8 मुखी के लिए सबसे शुभ है। राहु-शांति के उद्देश्य से शनिवार को भी धारण किया जाता है। सुबह स्नान के बाद, शुक्ल पक्ष में धारण करना श्रेष्ठ है।