02वैजयंती माला के बारे में
वैजयंती माला वैजयंती के बीजों से बनती है। शास्त्रों में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को वैजयंती माला धारण किए हुए बताया गया है; "वैजयंती" का अर्थ है विजय देने वाली। वैष्णव परंपरा में विष्णु और कृष्ण मंत्रों के जप के लिए यह माला पारंपरिक है।
परंपरा में इस माला पर जप को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा, भक्ति में गहराई, और धर्मसम्मत कामनाओं की पूर्ति तथा विजय से जोड़ा जाता है। मंत्र-जप और ध्यान, दोनों में इसका उपयोग होता है।
इसमें 108 दाने और एक मेरु दाना है, मज़बूत धागे में पिरोए हुए। दाने हल्के हैं, जप और धारण, दोनों के लिए।
नोट: वैजयंती प्राकृतिक बीज है, इसलिए हर दाने के आकार, रंग और सतह में थोड़ा अंतर होना स्वाभाविक है।
अगर आप खुद पूरी विधि नहीं कर सकते, तो यह काम हमारे पंडित जी आपके लिए करेंगे। ऑर्डर के समय मंत्र जाप चुनें, और आपकी माला वैदिक विधि से जाप करके ही भेजी जाएगी।
- ✦आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर पूजा की जाती है।
- ✦विष्णु या कृष्ण मंत्र का चुनी गई संख्या में जाप इसी माला पर होता है।
- ✦जाप सिर्फ आपकी इसी माला पर किया जाता है।
- ✦जाप पूरा होने के बाद माला सीधे पहनने के लिए तैयार भेजी जाती है।
ऑर्डर के बाद आपसे नाम और गोत्र WhatsApp पर पूछा जाएगा। गोत्र न पता हो तो "कश्यप गोत्र" से संकल्प लिया जाता है।
गुरुवार भगवान विष्णु का दिन है और बुधवार श्रीकृष्ण का, इसलिए यह माला शुरू करने के लिए ये सबसे शुभ हैं। जन्माष्टमी और एकादशी विशेष रूप से उत्तम हैं।