वैजयंती माला (108 दाने) | Vaijayanti Mala
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जप माला

वैजयंती माला (108 दाने) | Vaijayanti Mala

श्रीकृष्ण की वैजयंती – विजय और भक्ति की माला

  • ✅ प्राकृतिक वैजयंती
  • 🦚 कृष्ण-जप की माला
  • 📿 108 + मेरु दाना
  • 🕉️ वैदिक विधि से अभिमंत्रित
दाने
108 + 1 मेरु दाना
सामग्री
वैजयंती के बीज
देवता
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण
जप मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय / हरे कृष्ण महामंत्र
शुभ दिन
गुरुवार या बुधवार
₹999₹1,24920% OFF
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  • कृष्ण-विष्णु जप के लिए
  • विजय की कामना
  • भक्ति और श्रद्धा
  • हल्की माला
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The details that help you choose with confidence.

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यह माला क्यों चुनें?

  • 🦚 वैजयंती – जिस माला को श्रीकृष्ण स्वयं धारण करते हैं; "वैजयंती" का अर्थ ही है विजय देने वाली
  • 📿 108 दाने + मेरु दाना – एक माला पूरी करने पर पूरे 108 जप
  • 🙏 वैष्णव परंपरा – विष्णु और कृष्ण मंत्रों के जप की पारंपरिक माला
  • 🏆 विजय – धर्मसम्मत कामनाओं की पूर्ति और विजय की प्रार्थना में
  • 📦 सुरक्षित और फ्री डिलीवरी – पूरे भारत में
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वैजयंती माला के बारे में

वैजयंती माला वैजयंती के बीजों से बनती है। शास्त्रों में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को वैजयंती माला धारण किए हुए बताया गया है; "वैजयंती" का अर्थ है विजय देने वाली। वैष्णव परंपरा में विष्णु और कृष्ण मंत्रों के जप के लिए यह माला पारंपरिक है।

परंपरा में इस माला पर जप को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा, भक्ति में गहराई, और धर्मसम्मत कामनाओं की पूर्ति तथा विजय से जोड़ा जाता है। मंत्र-जप और ध्यान, दोनों में इसका उपयोग होता है।

इसमें 108 दाने और एक मेरु दाना है, मज़बूत धागे में पिरोए हुए। दाने हल्के हैं, जप और धारण, दोनों के लिए।

नोट: वैजयंती प्राकृतिक बीज है, इसलिए हर दाने के आकार, रंग और सतह में थोड़ा अंतर होना स्वाभाविक है।

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वैजयंती माला के लाभ

  • ✦मंत्र-जप में स्थिरता: दाने गिनने से मन भटकता नहीं और जप की संख्या सही रहती है।
  • ✦कृष्ण-विष्णु की कृपा: भक्ति में गहराई, ऐसी मान्यता है।
  • ✦विजय: धर्मसम्मत कामनाओं की पूर्ति और सफलता की प्रार्थना में।
  • ✦श्रद्धा: वैष्णव परंपरा की पारंपरिक माला।
  • ✦शांति: नाम-जप से मन स्थिर, ऐसी मान्यता है।
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जप माला से जप कैसे करें

  1. 01

    स्नान के बाद किसी शांत और साफ स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।

  2. 02

    माला को दाहिने हाथ की मध्यमा (बीच की उँगली) पर रखें और अंगूठे से एक-एक दाना अपनी ओर खींचें। तर्जनी (पहली उँगली) से माला न छुएँ।

  3. 03

    मेरु दाने के पास वाले दाने से जप शुरू करें। 108 जप पूरे होने पर मेरु को लाँघें नहीं; दूसरी माला करनी हो तो माला पलटकर वापस जप करें।

  4. 04

    "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय", हरे कृष्ण महामंत्र या "ॐ नमो नारायणाय" का जप करें।

  5. 05

    जप के बाद माला को गोमुखी (जप थैली) या साफ कपड़े में रखें। चाहें तो इसे गले में भी धारण कर सकते हैं।

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मंत्र जाप सेवा

अगर आप खुद पूरी विधि नहीं कर सकते, तो यह काम हमारे पंडित जी आपके लिए करेंगे। ऑर्डर के समय मंत्र जाप चुनें, और आपकी माला वैदिक विधि से जाप करके ही भेजी जाएगी।

  • ✦आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर पूजा की जाती है।
  • ✦विष्णु या कृष्ण मंत्र का चुनी गई संख्या में जाप इसी माला पर होता है।
  • ✦जाप सिर्फ आपकी इसी माला पर किया जाता है।
  • ✦जाप पूरा होने के बाद माला सीधे पहनने के लिए तैयार भेजी जाती है।

ऑर्डर के बाद आपसे नाम और गोत्र WhatsApp पर पूछा जाएगा। गोत्र न पता हो तो "कश्यप गोत्र" से संकल्प लिया जाता है।

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धारण का सबसे शुभ दिन

गुरुवार भगवान विष्णु का दिन है और बुधवार श्रीकृष्ण का, इसलिए यह माला शुरू करने के लिए ये सबसे शुभ हैं। जन्माष्टमी और एकादशी विशेष रूप से उत्तम हैं।

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किसे धारण करना चाहिए?

  1. 01

    श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु के भक्त

  2. 02

    रोज़ नाम-जप करने वाले

  3. 03

    वैष्णव परंपरा के साधक

  4. 04

    प्रतियोगिता या चुनौती में विजय की कामना करने वाले

  5. 05

    भजन-कीर्तन करने वाले

  6. 06

    जो हल्की जप माला चाहते हैं

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नियम और देखभाल

  • ✦जप के दौरान मदिरा और मांसाहार से दूर रहें।
  • ✦माला को पानी, साबुन और इत्र से बचाएँ; नहाने से पहले उतार दें।
  • ✦नमी से दूर, सूखी जगह पर रखें; धूल लगे तो सूखे मुलायम कपड़े से पोंछें।
  • ✦माला को खींचें या मोड़ें नहीं; धागा ढीला या घिसा दिखे तो तुरंत बदलवाएँ।
  • ✦जप वाली माला किसी और को न दें और उपयोग के बाद गोमुखी या साफ कपड़े में रखें।
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बॉक्स में क्या मिलेगा

  • ✦1 × वैजयंती माला (108 दाने + मेरु दाना)
  • ✦सुरक्षित पैकिंग
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Answered.

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इस माला में कितने दाने हैं?

108 दाने वैजयंती के बीज के और एक मेरु दाना।

इससे किस मंत्र का जप करें?

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय", हरे कृष्ण महामंत्र या "ॐ नमो नारायणाय"। वैष्णव परंपरा के सभी मंत्रों के लिए उपयुक्त।

वैजयंती का क्या अर्थ है?

विजय देने वाली। शास्त्रों में श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु को वैजयंती माला धारण किए हुए बताया गया है।

क्या यह तुलसी माला जैसी है?

दोनों वैष्णव परंपरा की मालाएँ हैं। तुलसी काष्ठ की होती है और वैजयंती बीजों की; दोनों पर विष्णु-कृष्ण मंत्रों का जप होता है।

क्या इसे गले में भी पहन सकते हैं?

हाँ, माला हल्की है और गले में पहनी जा सकती है। कई परंपराओं में जप वाली माला अलग रखी जाती है, यह आपकी श्रद्धा पर है।

इसमें 108 दाने ही क्यों हैं?

परंपरा में 108 को पूर्णता की संख्या माना जाता है। एक माला पूरी करने पर मंत्र का 108 बार जप होता है।

क्या यह असली है?

हाँ, यह प्राकृतिक वैजयंती की माला है। असली न निकले तो पूरा पैसा वापस।

क्या महिलाएँ इसे पहन सकती हैं?

हाँ, इसे कोई भी स्त्री या पुरुष पहन सकता है।

क्या मुझे बिल्कुल फोटो जैसी माला मिलेगी?

वैजयंती प्राकृतिक है, इसलिए आकार, रंग और बनावट में थोड़ा अंतर हो सकता है। दाने 108 और सभी वैजयंती के बीजों के होंगे।

क्या यह पहनने के लिए तैयार आती है?

हाँ, यह साफ और अभिमंत्रित करके भेजी जाती है। आप धारण विधि के अनुसार सीधे पहन सकते हैं।

मंत्र जाप क्या है, और क्या इसे लेना ज़रूरी है?

मंत्र जाप में हमारे पंडित जी आपके नाम से संकल्प लेकर आपकी माला पर विष्णु या कृष्ण मंत्र का चुनी गई संख्या में जाप करते हैं। यह वैकल्पिक है; बिना जाप वाली माला भी अभिमंत्रित करके भेजी जाती है।

कितने जाप वाला विकल्प चुनें?

सामान्य धारण के लिए 1,100 जाप काफी माने जाते हैं। जन्माष्टमी, एकादशी या विजय की कामना के लिए लोग 11,000 या 21,000 जाप चुनते हैं।

Shipping & Returns

  • पूरे भारत में फ्री डिलीवरी, सामान्यतः 5 से 7 कार्य-दिवस में।
  • मंत्र जाप चुनने पर 3 से 7 दिन अतिरिक्त।
  • प्रोडक्ट टूटा, गलत या खराब पहुँचे तो डिलीवरी के 7 दिन के भीतर संपर्क करें।
  • वैजयंती असली न निकले तो पूरा पैसा वापस।
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वैजयंती के लाभ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। परिणाम व्यक्ति की आस्था पर निर्भर करते हैं। यह किसी रोग का उपचार नहीं है।